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Tuesday, December 10, 2019

11-Startups started in a garage, Amazon, Disney, Microsoft

December 10, 2019 0

Amazon started in a garage हममे से अधिकतर लोगों ने सुना है की ये कम्पनियाँ एक (Garage) गेराज से शुरू हुए थे। लेकिन क्या आप जानते हैं ? ऐसे काफी सारे स्टार्टअप (Startups) रहे हैं, जो गेराज से शुरू हुए थे और आज इनका बिज़नेस मल्टीनेशनल (Multi-National) है। यह व्यवसाय आज अरबों रूपये की कंपनी बन चुके हैं।

इनके मालिक आज विश्व के अमीर व्यक्तियों में गिने जाते हैं। इससे हम यह प्रेरणा भी ले सकते हैं कि किसी भी कार्य कि शुरुआत मायने नहीं रखती है। आप उसे कहाँ से शुरू करके किस मुकाम तक पहुंचते हो यह मायने रखता है दोस्त! कुछ कंपनियों की सूची इस प्रकार है।



    1. AMAZON Started in a Garage | CEO-Jeff Bezos

    1994 में Jeff Bezos ने Bellevue, Washington में एक गेराज में ऑनलाइन बुक स्टोर कि शुरुआत की थी। साल 1995 में Amazon com पर पहली किताब बेची गयी थी। साल 1997 में Jeff Bezos ने बुकस्टोर को सार्वजानिक रूप से लांच किया था। और आज आप देख सकते हैं अमेज़न का मालिक Jeff Bezos दुनिया का सबसे अमीर इंसान है और amazon.com कंपनी दुनिया की सबसे बड़ी ऑनलाइन रिटेलर है।



    2. GOOGLE Started in a Garage | Sundar Pichai

    गूगल की शुरुआत Larry Page and Sergey Brin ने साल 1998 में Santa Margarita Ave in. Menlo Park, California में स्तिथ एक गेराज से की थी। यह गेराज उन्होंने अपने एक दोस्त Susan Wojcicki से किराये पर लिया था।दोनों ने रात-दिन काफी महीनो तक मेहनत की और उन्होंने खड़ा किया एक कंपनी को, जिसे हम गूगल के नाम से जानते हैं। आज हम अपने मोबाइल में अधिकतर जो भी प्रोडक्ट उपयोग करते हैं जैसे Google-map, Google-Drive, YouTube, Android, Blogger, Hangout सभी गूगल प्रोडक्ट हैं।



    3. DISNEY Started in a Garage | CEO-Robert Iger

    Walt and Roy Disney ने अपनी पहली फिल्म साल 1923 में अपने अंकल, Robert Disney के गेराज में Los Angeles, California में बनायी थी। उन्होंने अपना करियर "Alice Comedies" बनाकर शुरू किया था।Disney आज दुनिया की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली एंटरटेनमेंट कंपनी है।



    4. APPLE Started in a Garage | CEO-Tim Cook, co-founder Steve Jobs

    Steve Jobs और Steve Wozniak ने केवल इक्कीस और छबीस साल की उम्र में साल 1976 में एप्पल को लांच किया था। उन्होंने अपना पहला Apple कंप्यूटर, Los Altos, कैलिफ़ोर्निया में एक गेराज में बनाकर अपने व्यवसाय की शुरुआत की थी।



    5. HARLEY DAVIDSON Started in a Garage | CEO-Matthew Levatich

    साल 1901 में 21-वर्षीय William S। Harley ने साईकिल को इंजन से पावर देने का प्लान बनाया था। लेकिन दो वर्ष बाद उसने प्लान बदल दिया और Harley और अपने बचपन के दोस्त Arthur Davidson ने Milwaukee, Wisconsinme में अपनी पहली मोटरसाइकिल बनाई।आज हार्ले-डैविडसन एक जनि-पहचानी मोटर-साईकिल है।



    6. HEWLETT-PACKARD (HP) Started in a Garage | Antonio Neri

    साल 1939 में Bill Hewlett और Dave Packard ने एक गेराज में HP की स्थापना की थी। उस समय उनके पास केवल खर्च करने के लिए $538 थे और आज आप देख सकते हैं उन्होंने केवल यही पैसा इन्वेस्ट करके इसे अरबों डॉलर में बदल दिया! उनका पहला प्रोडक्ट audio oscillator था। Walt Disney उनके पहले ग्राहकों में से एक था जिसने Fantasia मूवी के लिए साउंड सिस्टम तैयार करने के लिए आठ oscillators ख़रीदे थे।



    7. MAGLITE Started in a Garage | CEO-Anthony Maglica

    Tony Maglica साल 1950 में Croatia से America आये थे लेकिन उनके पास ज्यादा पैसे नहीं थे।इसलिए साल 1955 में $125 की बचत करने के बाद उन्होंने Los Angeles, कैलिफ़ोर्निया के एक गेराज में काम करना शुरू किया था। उन्होंने साल 1974 में Mag इंस्ट्रूमेंट incorporated किया और साल 1979 में अपनी पहली फ्लैशलाइट रिलीज की।



    8. MATTEL Started in a Garage | CEO-Ynon Kreiz

    Harold “Matt” Matson और Elliot Handler ने Southern California के एक गेराज से Mattel की स्थापना की थी



    9. MICROSOFT Started in a Garage | CEO-Satya Nadella

    साल 1975 में Bill Gates और Paul Allen ने कुछ सीमित संसाधनों के साथ एक गेराज से Microsoft की स्थापना की थी। माइक्रोसॉफ्ट ने एप्पल की तरह सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर नहीं बनाये, उन्होंने सिर्फ सॉफ्टवेयर पर फोकस किया। IBM के साथ काम करके उन्होंने अपने पहले ऑपरेटिंग सिस्टम का लाइसेंस मात्र अस्सी हज़ार डॉलर में दिया था।



    10. LOTUS CARS Started in a Garage | CEO-Phil Popham

    साल 1948 में Anthony Colin Bruce Chapman ने 20 वर्ष की उम्र में Lotus Cars की शुरुआत की थी। कम्पनी London, United Kingdom में एक गेराज में शुरू की गयी थी। आज Lotus Cars विश्व के सम्मानित रेसिंग कार मनुफक्चरर्स में से एक है।



    11. YANKEE CANDLE COMPANY | CEO-Hope Margala

    Michael Kittredge साल 1969 में केवल 16-वर्ष के थे जब उन्होंने कुछ शुरू किया जो आगे चलकर Yankee Candle Company बना। इस कैंडल गुरु ने पिघले हुए क्रेयॉन्स का उपयोग करके खुशबूदार मोमबत्ती बनाई थी जो अपनी मम्मी को उपहार के तौर पर देने के लिए थी। यह मोमबत्ती पड़ोसियों को काफी पसंद आयी और उन्होंने इसे खरीदने के लिए अपनी इच्छा जताई। चार साल बाद उसने Holyoke, Massachusetts में अपनी कम्पनी के लिए मोमबत्ती बनाने का मिल बना दिया।



    उम्मीद करता हूँ आपको यह पोस्ट "Startups started in a garage" पसंद आयी होगी और आपको एक मोटिवेशन भी मिला होगा की जब ये लोग सीमित साधनों के साथ एक गेराज से शुरू करके इतनी बड़ी कम्पनी बना सकते हैं, तो हमारे पास तो सारी सुविधाएं हैं! हम क्यों नहीं क्र सकते ? पढ़ने के लिए धन्यवाद् !

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    Monday, December 9, 2019

    Insurance Kya Hai | Life and General Insurance | Top 10 Insurance Companies

    December 09, 2019 0

      Insurance क्या होता है?

      Insurance (बीमा) को समझने के लिए पहले दो Term समझते हैं । इसमें दो पक्ष होते हैं । Insurer (बीमाकर्ता) और Insured (बीमित) । जिसमें Insured वह पक्ष होता है जो Insurer पक्ष को एक अवधि के लिए होने वाले Insurance के लिए Premium का भुगतान करता है । दोनों के बीच समझौता होता है कि Insurance की अवधि के दौरान, Insurer, Policy के नियम और शर्तों के अनुसार Insured को हुई कोई हानि, क्षति या मृत्यु का मुआवजा प्रदान करता है । बीमित व्यकित को मुआवजा Insurance की Terms और Conditions को संज्ञान में रखते हुए प्रीमियम के भुगतान के बदले में किया जाता है । बीमा Policy इस सिद्धांत पर शुरू की गयी हैं की "हम भविष्य में होने वाली दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं को रोक नहीं सकते हैं लेकिन उनकी भरपाई के लिए अपने आपको सुरक्षित कर सकते हैं ।"

      Type of Insurance? बीमा कितने प्रकार के होते हैं?

      बीमाकर्ता कंपनी और बीमित के बीच हुए अनुबंद के आधार पर Insurance को दो प्रकार से बाँट सकते हैं; वह अनुबंद जिसमे बीमित (Insured) की ज़िन्दगी (Life) का जोखिम सुरक्षित होता है उसे Life Insurance कहते हैं, और जिस अनुबंध में बीमित की ज़िन्दगी के आलावा कुछ भी (वाहन, संपत्ति, घर, यात्रा, फसल, स्वास्थ्य इत्यादि) सुरक्षित होता है उसे General Insurance की श्रेणी में रखा जाता है हम किस चीज का बीमा करवा रहे हैं उसके आधार पर आज मार्किट में अनेक प्रकार के बीमा उपलब्ध हैं. हम अपनी कमाई को इकठ्ठा करके पैसे जोड़कर कुछ चीज घर के लिए लेते हैं और किसी दुर्भाग्यपूर्ण घटना से हमारा पूरा बजट डगमगा सकता है, इसलिए हमें अलग अलग चीजों को सुरक्षित करनी जरुरत होती है. अगर भविष्य में ऐसी कोई घटना होती है तो Insurer कंपनी हमारे द्वारा दिए गए Premium के बदले एक निश्चित राशि मुआवजे के रूप में प्रदान करती है. इस राशि को Sum Insured कहा जाता है. आपके लिए कौन सा insurence करवाना अत्यंत आवश्यक है यह निश्चित करने में आपको थोड़ी परेशानी हो सकती है लेकिन आपकी यह जरुरत मौजूदा स्तिथि के अनुसार अलग-अलग हो सकती है. यहाँ मैं आपको अलग-अलग प्रकार के मुख्य बीमाओं के बारे में बताने वाला हूँ.

      1. What is Life Insurance? जीवन बीमा क्या होता है?

      अगर आप जोखिम भरा कोई काम करते हैं या फिर आपको अपने काम से इधर-उधर जाना पड़ता है और अगर आपके परिवार के सदस्य आर्थिक रूप से आप पर निर्भर हैं तो Life Insurance आपके लिए बहुत जरुरी है. सोचो ! भगवान न करे ऐसा हो, लेकिन अगर दुर्भाग्यवश आपके साथ कोई हादसा हो जाये या कोई गंभीर बीमारी हो जाये और आपकी मौत हो जाये ! उस परिस्तिथि में आपके परिवार का क्या होगा. आपकी मौत के पश्चात् आपकी सैलरी या पेंशन आपके परिवार का खर्च चलने के लिए भी पर्याप्त नहीं होगी और परिणाम यह होगा की आपके परिवार को एक संकटपूर्ण आर्थिक समस्या से जूझना पड़ेगा. Life Insurance इस परिस्थिति में आपके परिवार की आर्थिक कमजोरी में सहायक सिद्ध होता है और आपके परिवार के बुरे वक्त में उनकी सहायता करता है.
      There are Two types of Life Insurance Policy जीवन बीमा दो प्रकार का होता है:
      1. Whole Life Policy (सम्पूर्ण जीवन पॉलिसी)
        • इस प्रकार की Policy में आप अपनी मृत्यु तक Premium जमा करते हैं. आपके Nominee (वारिश) को केवल आपकी मृत्यु उपरांत ही Sum Insured या मुआवजा दिया जाता है.
      2. Term Life Policy (टर्म इंश्योरेंस पॉलिसी)
        • इस तरह की Policy में आप एक निश्चित समय (आपके द्वारा ली गयी पॉलिसी पर निर्भर करता है) तक ही Premium भरते हैं. इस तरह की पॉलिसी खरीदते वक्त किसी एजेंट या Finencial Advisor से सलाह लेन बेहतर रहता है ताकि वह आपको अलग अलग प्लान के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान कर सके. जिससे आप अपनी असली आवश्यकता के अनुसार पॉलिसी का चुनाव कर सकें

      India में कुछ शीर्ष-10 (Top-10) Life Insurance कंपनियों की सूची इस प्रकार है:

      1. Life Insurance Corporation of India (LIC)
      2. ICICI Prudential Life Insurance
      3. SBI Life Insurance
      4. HDFC Standard Life Insurance
      5. Max Life Insurance
      6. xBajaj Allianz Life Insurance
      7. Birla Sun Life Insurance
      8. Reliance Nippon Life Insurance
      9. Tata AIA Life Insurance
      10. PNB Metlife India Insurance
      Life Insurance के आलावा सभी Insurance को General Insurance की श्रेणी में रखा जा सकता है.

      2. What is Motor Insurance? वाहन बीमा क्या होता है?

      अगर आपके पास कोई Bike (मोटर-साइकल), Car (कार) या कोई Commercial Vehicle (व्यावसायिक वाहन) है तो आपको Motor Insurance की आवश्यकता है. यह केवल इसलिए जरुरी नहीं है कि सरकार के नियमानुसार वाहन का बीमा रखना आवश्यक है, बल्कि इसके आलावा कुछ और कारण भी हैं. बहुत से लोग वर्षों की कड़ी मेहनत और वचत के बाद अपनी खुद की गाड़ी खरीदते हैं, कुछ लोगो के लिए उनकी गाड़ी ही कमाई का साधन होती है और काफी लोगों के काम पर जाने का साधन उनकी गाड़ी ही होती है. अगर किसी दुर्घटना में आपकी गाड़ी क्षतिग्रस्त हो जाती है और आपके पास इसकी मरम्मत करवाने के लिए या नयी गाड़ी लेने के लिए पर्याप्त धन नहीं है तो आपको आजीविका चलाना काफी मुश्किल हो जायेगा. ऐसी परिस्तिथि में Insurance Company आपके लिए काफी सहायक सिद्ध होती है. दूसरी ओर अगर दुर्घटना में आपकी गलती पायी गयी और आपको सामने वाली पार्टी की क्षति की भरपाई के लिए दण्डित किया जाता है तो यह आपके लिए काफी महंगा पड़ेगा. ऐसी स्तिथि में भी Insuance Comapany आपकी आर्थिक रूप से मदद करती है.

      3. What is Health Insurance? स्वास्थ्य बीमा क्या होता है?

      Health Insurance भी मुख्य बीमाओं में एक है जिसकी एक्सपर्ट लोग सलाह देते हैं. हेल्थ इंस्युरेन्स एक ऐसा इंस्युरेन्स होता है जो बीमित व्यक्ति को हुई बीमारी में दवाई या शल्य चिकित्सा का खर्च उठाने में मदद करता है. हेल्थ इंस्युरेन्स बीमित द्वारा बीमारी, चोट या फिर किसी रोग में किये गये खर्च को या तो Reimburse (बीमित को लौटता है) करता है या फिर इलाज करने वाली संस्था को सीधा भुगतान करता है. यह अक्सर लोगों को लुभाने के लिए नौकरी देते वक्त नियोक्ता कम्पनी लाभ पैकेज में शामिल करके देती हैं. यदि आपको कोई पुराणी बीमारी भी है तो उस स्तिथि में भी Health Insurance (स्वास्थ्य बीमा) आपको बेहतर देखभाल करने में आपकी मदद करता है. अगर आपका स्वास्थ्य अच्छा भी है और आपको अक्सर इलाज करने की जरुरत नहीं पड़ती है. उस स्तिथि में कम-से-कम आप एक ऐसी पॉलिसी खरीद सकते हैं जो गंभीर चिकित्सा की स्तिथि में आपकी सहायता कर सके. एक सस्ता Health Insurance ढूंढना थोड़ा सा मुश्किल हो सकता है खासकर जब आपको पहले से कोई बीमारी है. ऐसी स्तिथि में एक एजेंट या सलाहकार से परामर्श करना आपके लिए फायदेमंद होगा.

      4. What is Home Insurance? घर का बीमा क्या होता है?

      Home Insurance जिसे अक्सर घर के मालिक का बीमा कहा जाता है, यह एक प्रकार का Property Insurance (संपत्ति बीमा) है जो आपके निजी आवास को सुरक्षित करता है. यह एक ऐसा बीमा है जिसमे अलग-अलग प्रकार की Personal Insurance Protections (व्यक्तिगत बीमा सुरक्षाओं) को सम्मिलित किया जाता है, जिसमे किसी के घर में होने वाली हानि, घर में रखे सामान की हानि, इत्यादि सम्मिलित हो सकती है. एक 'घर" लोगों की वर्षों की कमाई होती है, और कुछ लोगों के लिए तो घर ही सब-कुछ होता है. इसलिए जहा पर भूकंप (EarthQuake) जैसी समस्या होती है या आपके घर को नुकसान का खतरा रहता है, उस जगह पर यह बीमा करवाना अतिआवश्यक है. इसके आलावा Home Insurance आपके घर को प्राकृतिक आपदाओं (Natural Calamities) से तो सुरक्षित करता ही है उसके साथ-साथ एक सामान्य पॉलिसी में आप खुद भी सुरक्षित होते हैं

      5. What is Travel Insurance? यात्रा बीमा क्या है?

      Travel Insurance एक ऐसा बीमा है जो आपकी यात्रा के दौरान होने वाली कुछ वित्तीय जोखिम (Financial Risk) और नुकसानों से आपको सुरक्षित करता है. यह नुकसान छोटे-मोठे नुकसान हो सकते हैं, जैसे बिलम्बित सूटकेस, और कुछ महत्वपूर्ण चीजें जैसे अंतिम क्षणों में यात्रा रद्द होना या विदेश में चिकित्सीय आपात स्तिथि इस सभी में Travel Insurance आपके लिए लाभकारी होता है. वित्तीय सुरक्षाओं के आलावा travel Insurance का दूसरा लाभ यह भी है की इसकी मदद से आप Assistance Services (सहायक सेवाओं) तक आसानी से पहुँच सकते हैं, चाहे आप दुनिया में कहीं भी हों. यदि आपने यात्रा का आंशिक या पूर्ण रूप से भुगतान कर दिया है और आपको किसी कारणवश यात्रा को रद्द करने या फिर बीच में ही यात्रा छोड़कर घर वापस लौटने की आवश्यकता होती है तो Travel Insurane आपके Pre-paid (पूर्व-भुगतान) और Non-refundable (गैर-वापसी) योग्य हिस्से के लिए Trip-cancellation (यात्रा रद्द) और Trip-intruption (यात्रा रूकावट) कवरेज प्रदान करता है. यदि आप विदेश में यात्रा करते समय बीमार पड़ जाते हैं या जोखिम हो जाते हैं, तो अधिकांश घरेलु (Domestic) हेल्थ इंस्युरेन्स प्लान कवरेज क्षेत्र के बहार कोई कवरेज प्रदान नहीं करती हैं या फिर बहुत कम प्रदान करती हैं. Travel Insurance कंपनियां, अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा कवरेज में माहिर होती हैं.
      Travel Insurance प्लान में मुख्य रूप से निम्नलिखित जोखिम कवर किये जाते हैं :
      • चिकित्सा सुविधा में हुए परिवहन खर्च सहित चिकित्सा उपचार
      • यात्रा रद्दीकरण या रुकावट
      • यदि आपका समान या यात्रा के दस्तावेज खो जाए, चोरी हो जाए या क्षतिग्रस्त हो जाए
      • दुर्घटनापूर्वक मृत्यु, चोट या विकलांगता की स्तिथि में लाभ
      दोस्तों उम्मीद करता हूँ आपको Life Insurance और General इन्शुरन्स और उसके अलग अलग प्रकार के बारे में अच्छे से समझ आया होगा. फिर भी अगर आपका पोस्ट से सम्बंधित कोई सवाल या सुझाव है तो आप कमेंट करके पूछ सकते हैं. इस ब्लॉग पर आपको Technical. Educational. Science से सम्बंधित जानकारी मिलती रहेगी Latest Updates के नोटिफिकेशन पाने के लिए ब्लॉग को सब्सक्राइब जरूर करें ! अंत में एक रिक्वेस्ट, अगर आपको जानकारी उपयोगी लगी हो तो ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ! आपका समय देने के लिए शुक्रिया ! (-:
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      Motor Insurance Me NCB, IDV, First and Third Party, Zero Depreciation

      December 09, 2019 0

        Motor Insurance में NCB, Comprehensive, Third Party, Zero Depreciation क्या होता है?

        भारत सरकार के नियमानुसार आपको सड़क पर गाड़ी चलने के लिए आपकी गाड़ी के लिए बीमा करवाना आवश्यक है ।

        Motor वाहन बीमा करवाना क्यों जरुरी है?

        हम हमारे साथ होने वाली किसी दुर्घटना को नहीं रोक सकते लेकिन उसके द्वारा होने वाले नुकसान या हानि की भरपाई के लिए इंतजाम अवश्य कर सकते हैं।बीमा हमारी काफ़ी तरीके से मदद भी करता है । बहुत से लोग बीमा करवाते हैं लेकिन इसका लाभ लेना नहीं जानते । उनके लिए बीमा सिर्फ ट्रैफ़िक पुलिस से बचने का साधन मात्र है । लेकिन बीमा करवाने के काफी सरे फायदे होते हैं । अभी फिलहाल में लागू हुए Motor Vehicle act 2019 के बाद जैसा की खबरों में देख भी रहे हैं । काफ़ी लोगों के चालान हो रहे हैं । इस पोस्ट में आपको मोटर इन्सुरेंस से संबंधित सामान्य जानकारी मिलेगी ।

        मोटर बीमा पॉलिसी | Motor Insurance कितने प्रकार की होती है?

        मोटर बीमा पॉलिसी | Motor Insurance सामान्यतः दो प्रकार की होती है:
        1. Third Party Policy (तृतीय पक्ष बीमा)
          सरकार के परिवहन नियमानुसार आपको अपने वाहन का Third Party Policy बीमा करवाना जरुरी होता है।Third Party Policy बीमा में क्या-क्या कवर रहता है?
          इसमें सामान्यतः तीन चीजें कवर होती हैं:
          1. गाड़ी के मालिक के लिए पर्सनल एक्सीडेंटल कवर (Personal Accidental Cover for Owner / Driver ):
            IRDAI (Insurance Regulatory Development Authority of India) के अनुसार आपको अपना पर्सनल एक्सीडेंटल बीमा करवाना जरुरी है । अगर आपने पहले से ही किसी दूसरे बीमा में (दूसरी गाड़ी के बीमा में ) या किसी लाइफ इन्सुरेंस / मेडिकल इन्सुरेंस कंपनी से यह बीमा करवाया हुआ है तो यह आपके लिए विकल्प होता है।दुबारा से इसे खरीदने या लेने की जरुरत नहीं है। लेकिन कम से कम R.s.15,00,000/- तक का पर्सनल एक्सीडेंटल कवर (Personal Accidental Cover for Owner / Driver ) पर्सनल एक्सीडेंटल बीमा होना जरुरी है।
          2. तृतीय पक्ष व्यक्ति के लिए पर्सनल एक्सीडेंटल कवर:
            अगर गाड़ी चलते वक्त आपसे किसी दुर्घटना में किसी तीसरे अनजान व्यक्ति की Death/मृत्यु हो जाती है तो उस स्तिथि में यह कवर आपकी सहायता करता है।इसके तहत मृत व्यक्ति के परिवार को बीमा कंपनी की तरफ से सहयोग धनराशि दी जाती है।यह कवर Third Party Insurance में आता है जोकि हर किसी के लिए लेना जरुरी होता है।
          3. तृतीय पक्ष की संपत्ति का कवर:
            अगर गाड़ी चलते वक्त आपसे किसी दुर्घटना में किसी तीसरे अनजान व्यक्ति की संपत्ति की हानि हो जाती है तो उस स्तिथि में यह कवर आपकी सहायता करता है।इसके तहत उस संपत्ति के नुकसान की भरपाई के लिए उसके मालिक को बीमा कंपनी की तरफ से संपत्ति की कीमत के अनुसार R.s.750,000/- तक की धनराशि दी जाती है।यह कवर भी Third Party Insurance में आता है जोकि हर किसी के लिए लेना जरुरी होता है।
        2. Comprehensive Policy (सामान्य भाषा में लोग इसे 1st पार्टी बीमा भी कहते हैं )
          यह बीमा करवाना आपके लिए विकल्प होता है। यह Third Party Insurance से महंगा होता है क्यूंकि इसके लाभ ज्यादा होते हैं।आप करवाना चाहते हैं या नहीं यह सिर्फ आप पर निर्भर करता है।अगर आप यह बीमा नहीं करवाना चाहते हैं तो आपको सिर्फ तृतीय पक्ष का बीमा करवाना होगा।
          इसमें सामान्यतः चार प्रकार के कवर होते हैं:
          1. आपका वाहन कवर रहता है (Cover to Your Vehicle):
            अगर आपकी गाड़ी नयी है या फिर काफी महंगी गाड़ी है तो यह कवर लेना आपके लिए काफी फायदेमंद है।यह कवर आपकी गाड़ी को आकस्मिक दुर्घटना, प्राकृतिक आपदाओं (बाढ़, भूकंप, भूस्खलन) इत्यादि से सुरक्षित करता है।आपकी गाड़ी अगर चोरी हो जाती है तब भी इसमें आपकी गाड़ी कवर रहती है।इस बीमा को लेते वक्त बीमा कंपनी आपकी गाड़ी की कंडीशन के अनुसार आपकी गाड़ी की एक कीमत (IDV- Insured Declared Value) निर्धारित करती है।बीमा की अवधि के दौरान आपकी गाड़ी में कोई भी नुकसान होता है तो आप दावा (Claim) कर सकते हैं।जिसके उपरांत IDV के अनुसार आपको कंपनी की तरफ से आर्थिक सहायता मिलती है।
          2. गाड़ी के मालिक के लिए पर्सनल एक्सीडेंटल कवर (Personal Accidental Cover for Owner / Driver ):
            IRDAI (Insurance Regulatory Development Authority of India) के अनुसार आपको अपना पर्सनल एक्सीडेंटल बीमा करवाना जरुरी है । अगर आपने पहले से ही किसी दूसरे बीमा में (दूसरी गाड़ी के बीमा में ) या किसी लाइफ इन्सुरेंस / मेडिकल इन्सुरेंस कंपनी से यह बीमा करवाया हुआ है तो यह आपके लिए विकल्प होता है।दुबारा से इसे खरीदने या लेने की जरुरत नहीं है। लेकिन कम से कम R.s.15,00,000/- तक का पर्सनल एक्सीडेंटल कवर (Personal Accidental Cover for Owner / Driver ) पर्सनल एक्सीडेंटल बीमा होना जरुरी है।
          3. तृतीय पक्ष व्यक्ति के लिए पर्सनल एक्सीडेंटल कवर:
            अगर गाड़ी चलते वक्त आपसे किसी दुर्घटना में किसी तीसरे अनजान व्यक्ति की Death/मृत्यु हो जाती है तो उस स्तिथि में यह कवर आपकी सहायता करता है।इसके तहत मृत व्यक्ति के परिवार को बीमा कंपनी की तरफ से सहयोग धनराशि दी जाती है।यह कवर Third Party Insurance में आता है जोकि हर किसी के लिए लेना जरुरी होता है।
          4. तृतीय पक्ष की संपत्ति का कवर:
            अगर गाड़ी चलते वक्त आपसे किसी दुर्घटना में किसी तीसरे अनजान व्यक्ति की संपत्ति की हानि हो जाती है तो उस स्तिथि में यह कवर आपकी सहायता करता है।इसके तहत उस संपत्ति के नुकसान की भरपाई के लिए उसके मालिक को बीमा कंपनी की तरफ से संपत्ति की कीमत के अनुसार R.s.750,000/- तक की धनराशि दी जाती है।यह कवर भी Third Party Insurance में आता है जोकि हर किसी के लिए लेना जरुरी होता है।

        Comprehensive Policy me Extra Add-on cover Kya hote hain

        अतिरक्त सुरक्षा के लिए इसके अलावा काफी Add-on कवर होते हैं जिन्हे आप अतिरिक्त प्रीमियम का भुगतान करके अपने Comprehensive Policy के साथ बीमा में शामिल कर सकते हैं।
        1. Zero Dep (Zero Depreciation) or Bumper to Bumper or Nill Dep. or Depreciation Waiver Cover:
          यह Comprehensive Policy के ऊपर से अतिरिक्त कवर या Add-on Cover या Additional Cover होता है जिसे अतिरिक्त प्रीमियम का भुगतान करके Comprehensive Policy के साथ लिया जा सकता है।
          एक सामान्य Comprehensive Policy में आपकी गाड़ी की कीमत (IDV), गाड़ी की age या उम्र के साथ घटती जाती है और गाड़ी के कुछ पार्ट जैसे फाइबर के ग्लास का 70%, टायर, ट्यूब, बैटरी का 50% ही कंपनी कवर करती है।बाकि गाड़ी के अन्य पार्ट की कीमत भी कंपनी, गाड़ी की age के अनुसार लगाती है।लेकिन अगर आप यह Zero Dep. कवर लेते हैं तो आपको क्लेम करते वक्त आपकी गाड़ी में हुए नुकसान का 100% तक कमपनी भुगतान करती है।
        2. Return to Invoice या New Vehicle Replacement Cover:
          जैसा की इसके नाम से भी पता चल रहा है की गाड़ी के बिल के कीमत वापस करना।जी हाँ !
          अगर आपकी गाड़ी पूरी तरह ख़त्म हो जाती है या चोरी हो जाती है उस स्तिथि में आपको गाड़ी की पूरी कीमत बीमा कंपनी की तरफ से दी जाती है।यह कीमत उस समय गाड़ी के शोरूम के मूल्य के बराबर होगी।
          सीधे शब्दों में कह सकते हैं की अगर आप यहाँ कवर लेते हैं तो आपकी गाड़ी के चोरी होने या पूरी तरह ख़त्म होने की स्तिथि में यह आपके IDV और शोरूम प्राइस के बीच के अंतर को ख़त्म करता है।
        3. Emergency Roadside Assistance or RSA Cover/24x7 Helpline:
          यह कवर आपको आपातकालीन स्तिथि में सड़क के किनारे हुए किसी दुर्घटना में सहायता प्रदान करता है।
          जैसे:
          • अगर आपकी कार खराब हो जाये तो RSA Team आपकी गाड़ी को नजदीकी गेराज तक पहुंचाने में आपकी मदद करती है।
          • बैटरी ख़त्म होने की वजह से इंजन स्टार्ट न हो तो आपकी गाड़ी को जंपस्टार्ट देकर स्टार्ट करती है।
          • रास्ते में पेट्रोल/ईंधन ख़त्म हो जाये तो इसकी व्यवस्था भी यह टीम करती है।
          • गाड़ी लॉक हो और आपकी चैबीउ गम हो जाये तो गाड़ी को अनलॉक करवाने में भी आप इसकी सहायता ले सकते हैं
          • दुर्घटना की स्तिथि में आपके लिए नजदीकी होटल या हॉस्पिटल को ढूंढने में भी आपकी सहायता की जाती है।

        4. Engine Protection Cover:
          यह कवर आपको तब लेना चाहिए जब आप एक ऐसे क्षेत्र में गाड़ी चलते हैं जहाँ बाढ़ बारिश के ज्यादा होने और बाढ़ आने की सम्भावना ज्यादा रहती है।
          • अगर आपकी गाड़ी का इंजन कभी पानी भरने की वजह से क्षतिग्रस्त होता है।
          • आपकी गाड़ी से लुब्रिकेटिंग लीक होती है या गियरबॉक्स डैमेज होता है।
          • उस स्तिथि में यह कवर आपकी गाड़ी को सुरक्षित करता है।

        5. यात्रियों के लिए पर्सनल एक्सीडेंट (PA Cover) कवर (PA to Passengers):
          आपकी गाड़ी में सीटिंग कैपेसिटी के अनुसार जो सहयात्री होते हैं । अगर आप उनका भी किसी दुर्घटना के लिए पर्सनल एक्सीडेंट कवर लेना चाहते हैं तो यह तब आपके काम आता है।
          • इसके लिए आपको पहले एक्सीडेंट कवर की एक राशि (जैसे: एक लाख या दो लाख) चुननी होती है की आप कितने रूपये तक का कवर लेना चाहते हैं।उसके अनुसार ही प्रीमियम बनता है।
          • फिर आपको प्रत्येक सीट के लिए अनुसार प्रीमियम भुगतान करना पड़ता है।
          • ऐसा न हो! लेकिन किसी दुर्घटना में अगर किसी सहयात्री की मृत्यु या परमानेंट डिसेबिलिटी हो जाती है तो कंपनी की तरफ से उस व्यक्ति के परिवार को वह राशि (एक लाख या दो लाख) दी जाती है।
          इन्सुरेंस मार्किट में काफी तरह के अलग-अलग Add-on कवर मौजूद हैं आप अपनी आवश्यकता के अनुसार जिन्हे ले सकते हैं।

        Motor/Bike/Car Insurance me NCB (No claim Bonus) kya hota hai

        इसके बारे में थोड़ा बताना चाहता हूँ NCB या No Claim Bonus एक प्रकार का डिस्काउंट होता है। जब कोई वाहन का मालिक / बीमित व्यक्ति अपने बीमा की अवधि के दौरान कोई क्लेम नहीं लेता है तो उसे अगले साल की पॉलिसी लेते वक्त एक Discount दिया जाता है।
        अगर आप क्लेम नहीं लेते हैं तो डिस्काउंट का यह परसेंटेज, year-wise बढ़ता जाता है ।
        ncb percentage year wise/how to check no claim bonus
        • आपने अगर पिछली साल की पॉलिसी पर क्लेम नहीं लिया है तो पॉलिसी रीन्यू (Renew) करते समय आपको 20% NCB डिस्काउंट मिलता है।
        • आपने अगर दो साल लगातार पिछली साल की पॉलिसी पर क्लेम नहीं लिया है तो पॉलिसी रीन्यू (Renew) करते समय आपको 25% NCB डिस्काउंट मिलता है।
        • आपने अगर तीन साल लगातार पिछली साल की पॉलिसी पर क्लेम नहीं लिया है तो पॉलिसी रीन्यू (Renew) करते समय आपको 35% NCB डिस्काउंट मिलता है।
        • आपने अगर चार साल लगातार पिछली साल की पॉलिसी पर क्लेम नहीं लिया है तो पॉलिसी रीन्यू (Renew) करते समय आपको 45% NCB डिस्काउंट मिलता है।
        • आपने अगर पांच साल लगातार पिछली साल की पॉलिसी पर क्लेम नहीं लिया है तो पॉलिसी रीन्यू (Renew) करते समय आपको 50% NCB डिस्काउंट मिलता है।
        Note: Maximum NCB 50% ही रहेगा इससे ज्यादा NCB नहीं दिया जाता है। इसी बीच आप कभी भी अगर क्लेम करते हैं तो आपका NCB शून्य हो जाता है और यह फिर से 20% से शुरू होगा।

        NCB Transfer कैसे किया जाता है, NCB ट्रांसफर की आवश्यकता कब होती है?

        हमें NCB स्थानांतरण की आवश्यकता दो परिस्थितियों में होती है:-
        1. NCB from Previous Year Policy पीछले बीमा का NCB लाभ नए बीमा पर लेने के लिए:
          जब आपका बीमा खत्म होता है तो आपको अगले साल के लिए बीमा करवाना होता है । इन्सुरेंस कम्पनी की तरफ़ से आपको बीमा ख़त्म होने से 45 दिन पहले ही कभी भी अगले साल का बीमा करवाने की अनुमति होती है ।
          • जब आप बीमा करवाते हैं तो आपको पिछले बीमा के आधार पर NCB का फ़ायदा मिल जाता है । आपका पिछले साल का बीमा किसी भी कंपनी से हो इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।
          • लेकिन अगर आप अपने बीमा के ख़त्म होने से पहले ही नए साल का बीमा लेना भूल जाते हैं और आपका बीमा खत्म हो जाता है तो उस स्तिथि में आपको आपका NCB का लाभ लेने के लिए 90 दिन का समय होता है । बीमा खत्म होने के बाद 90 दिन के भीतर-भीतर आपको दूसरे बीमा पर आपका NCB लेना जरूरी होता है । अगर आप इस अवधि के दौरान लाभ नहीं ले पाते हैं तो आपका NCB ख़त्म या शून्य हो जाएगा ।
          • कम्पनी खुद अपने स्तर से आपकी पिछली बीमा कम्पनी से क्लेम हिस्ट्री चैक करवाती है अतः यह Autometic मिल जाता है इसमें किसी तरह के NCB Certificate की जरुरत नहीं पड़ती है। कुछ विशेष स्तिथि में अगर Company, पिछली policy से आपका NCB वेरीफाई नहीं क्र पाती है उस स्तिथि में आपको पिछली कंपनी से NCB Certificate (confirmation of no claims letter) लेना पड़ता है।
        2. जिस गाड़ी पर आपका बीमा/NCB चल रहा है, अगर आप अपनी गाड़ी बेच देते हैं:
          • आपके नाम पर अगर NCB चल रहा है और आप अपनी गाड़ी बेच देते हैं तो गाड़ी का बीमा नए मालिक के नाम पर स्थानांतरित हो सकता है ।
          • लेकिन आपका NCB आपके नाम पर ही रहेगा, जब आप अपनी कोई दूसरी गाड़ी का बीमा करवाते हैं तो आप NCB का लाभ ले सकते हैं ।
          • इसके लिए आपको इन्सुरेंस कंपनी से NCB/no claim certificate लेना होता है ।
          • जब आप नया बीमा लेते हैं तो यह सर्टिफिकेट दिखाकर आपको आपके नाम पर चल रहे NCB का लाभ मिल जाएगा ।
          Note: ncb certificate की वेलिडिटी तीन साल तक रहती है, इसके दौरान आप जब भी नयी गाड़ी खरीदते हैं, आप ncb certificate दिखाकर/ अप्लाई करके अपने ncb का लाभ ले सकते हैं।

        IDV (Sum insured) क्या होती है?

        जब आप अपनी गाड़ी का बीमा करवाते हाँ तो इन्सुरेंस कंपनी में, यह आपके वाहन की कीमत होती है। अगर आपकी गाड़ी चोरी होती है या उसमे किसी भी प्रकार की क्षति होती है तो आपको इसी कीमत के अनुसार क्लेम मिलता है। बीमा खरीदते समय आपकी गाड़ी के Manufacturing/Registration year/cc of Engine/make and model of vehicle के अनुसार आपकी गाडी के लिए कम्पनी आपको एक न्यूनतम से अधिकतम की एक रेंज उपलब्ध करती है उसके बीच आप अपने मन से जितना IDV आपको अपनी गाड़ी का रखना है आप रख सकते हैं। जितना ज्यादा IDV आप चुनते हैं उतना ही प्रीमियम बनता है।
        दोस्तों इस Post में मैंने आपको वाहन बीमा (Motor Vehicle Insurance) से सम्बंधित कुछ महत्वपूर्ण बातें Insurance Company में Customer Care Executive के तौर पर किये गए कार्य के अनुभव के आधार पर बताई हैं।उम्मीद करता हूँ आपको समझ आया होगा फिर भी अगर कोई सवाल है इन्सुरेंस से सम्बंधित तो आप कमेंट करके या हमे सीधा कांटेक्ट क्र सकते हैं।अगर आपको जानकारी उपयोगी लगी हो तो अपने दोस्तों के साथ Share करें।धन्यवाद् !
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